रायपुर ग्रामीणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
तरुण चटर्जी (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 47.4% वोट पाकर रायपुर ग्रामीण सीट जीती और मोहम्मद अकबर (INC) को 4,837 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 127 कांकेर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 127 दमुआ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
31 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तरुण चटर्जी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 42,06147.4% |
| 2 | मोहम्मद अकबर | 37,22441.9% | |
| 3 | चम्मन लाल नेताम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7432.0% |
| 4 | लोकनाथ साहा (सोमा ओरिया) | 7330.8% | |
| 5 | शारदा प्रसाद द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 6640.8% |
| 6 | मंथर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6140.7% |
| 7 | मधु नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 6060.7% |
| 8 | लाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5770.7% |
| 9 | सोमनाथ साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 5460.6% |
| 10 | शंकर दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 4080.5% |
| 11 | मीना कुमारी LKD(B) | LKD(B) | 3480.4% |
| 12 | भूपेन्द्र सिंह सिंधु निर्दलीय | निर्दलीय | 3110.3% |
| 13 | कुलदीप सिंह धालीवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.3% |
| 14 | जनक लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.3% |
| 15 | गजेन्द्र वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2920.3% |
| 16 | गोवर्धन लाल यदु निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.3% |
| 17 | नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 18 | विजय पांडे निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 19 | धनीराम साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 20 | घनश्याम प्रसाद तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.2% |
| 21 | उदयभान सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.2% |
| 22 | हरीश कुमार नैनवानी निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.2% |
| 23 | बाल कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 24 | गंगाधर गिलहरे निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 25 | श्रीनिवास पटनायक निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 26 | सुरेश गोखने निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 27 | सुरेश रोटकर निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 28 | सोमादित्य शुसला (लल्ली) निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 29 | आशीष निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 30 | ए.के. ध्रुव | 480.1% | |
| 31 | सुरेश अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रायपुर ग्रामीण से कौन जीता, 1977–1998
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 42.1% से बढ़कर 50.4% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।