कोटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर कोटा सीट जीती और डी.पी. अग्रवाल (BJP) को 3,467 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 111 धरसींवा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 111 बहोरीबंद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला | 30,77847.9% | |
| 2 | डी.पी. अग्रवाल | 27,31142.5% | |
| 3 | केदारनाथ जायसवाल राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 3,0254.7% |
| 4 | इकबाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8861.4% |
| 5 | कार्तिक राम | 6161.0% | |
| 6 | जनार्दन प्रसाद | 4300.7% | |
| 7 | मुरारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3170.5% |
| 8 | मदन जायसवाल JNP(JP) | JNP(JP) | 2920.5% |
| 9 | हीरालाल राज निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.4% |
| 10 | गरोबा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.3% |
| 11 | पी.के. बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और JD को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोटा से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.5% से घटकर 47.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 46.3% से बढ़कर 61.8% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।