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मध्य प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 111

कोटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998

राजेन्द्र शुक्ला (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 43.4% वोट पाकर कोटा सीट जीती और भूपेन्द्र सिंह (BJP) को 1,121 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 111 धरसींवा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 111 बहोरीबंद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

राजेन्द्र शुक्ला
INC 43.4%BJP 42.0%4 अन्य 14.6%
मिले वोट
33,120
मतों का 43.4%
जीत का अंतर
1,121
कुल वोटों का 1.5%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
60.7%
1,25,551 मतदाताओं में से

कोटा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,121 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
राजेन्द्र शुक्ला
33,12043.4%
2
भूपेन्द्र सिंह
NDA
NDA
31,99942.0%
3
डॉ. उर्मिला मार्को
9,48512.4%
4
रामायण शर्मा
AJBP
AJBP
7270.9%
5
डॉ. प्रणव कुमार बनर्जी
निर्दलीय
निर्दलीय
5300.7%
6
रामबिलास शर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
3750.5%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
1.5%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
61%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

INC, BJP और GGP को 98% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
320 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 161

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
43.4%INC की जीत
INC 43.4%BJP 42.0%GGP 12.4%अन्य 2.1%

यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

कोटा से कौन जीता, 1977–1998

INC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.2% से घटकर 43.4% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 62.4% से घटकर 60.7% रह गया।

  1. 1977एम. पी. दुबे (INC), जीत का अंतर 0.2%
  2. 1980मथुरा प्रसाद दुबे (INC(I)), जीत का अंतर 22.5%
  3. 1985राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला (INC), जीत का अंतर 23.4%
  4. 1990राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला (INC), जीत का अंतर 5.4%
  5. 1993राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला (INC), जीत का अंतर 19.0%
  6. 1998राजेन्द्र शुक्ला (INC), जीत का अंतर 1.5%