बड़वाराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
एन.वी. रमन (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 34.6% वोट पाकर बड़वारा सीट जीती और बच्चन नायक (JD) को 5,833 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 203 अमरवाड़ा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 203 धूलकोट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एन.वी. रमन | 22,08234.6% | |
| 2 | बच्चन नायक राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 16,24925.4% |
| 3 | विजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 16,18825.4% |
| 4 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6,53510.2% |
| 5 | भक्ता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0431.6% |
| 6 | रशीद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 6291.0% |
| 7 | गिरवर सिंह धुर्वे निर्दलीय | निर्दलीय | 5070.8% |
| 8 | नरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4190.7% |
| 9 | अशोक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़वारा से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.3% से घटकर 34.6% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 49.3% से बढ़कर 59.5% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।