इंदौर-IVविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
कैलाश विजयवर्गीय (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 60.0% वोट पाकर इंदौर-IV सीट जीती और इकबाल खान (INC) को 25,602 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 273 अंजड़ थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 273 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कैलाश विजयवर्गीय 31.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
32 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कैलाश विजयवर्गीय | 48,41360.0% | |
| 2 | इकबाल खान | 22,81128.3% | |
| 3 | शेर सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 3,3564.2% |
| 4 | मनोहर देव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8103.5% |
| 5 | प्रदीप जैन (समता) निर्दलीय | निर्दलीय | 8441.1% |
| 6 | चन्द्र शेखर शर्मा (पप्पू) निर्दलीय | निर्दलीय | 7460.9% |
| 7 | विमल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.4% |
| 8 | अजीत कुमार जैन (पटवा) निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 9 | हरजिंदर सिंह छाबडा निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.2% |
| 10 | शेखर चन्द | 1550.2% | |
| 11 | मोहम्मद मुश्ताक आसिफ | 1300.2% | |
| 12 | परमानन्द पंथी निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 13 | मोहन दास पंथी निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 14 | विमल चन्द मल जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 15 | हरीश गिलके निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 16 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 17 | एजाज़ तप्या निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 18 | जगदीश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 19 | अनिल बंशीधर निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 20 | रतन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 21 | सरदार मल जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 22 | मोहम्मद हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 390.1% |
| 23 | मदन परमालिया निर्दलीय | निर्दलीय | 370.1% |
| 24 | मोहम्मद इसहाक निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 25 | कमल जीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 26 | लक्ष्मण राव निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
| 27 | नियामत खान निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
| 28 | मुलफतली निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
| 29 | संतोष गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
| 30 | सीता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 31 | केवल किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
| 32 | बशीर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 100.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर-IV से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 47.6% से घटकर 46.9% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।