इंदौर-IVविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
नन्दलाल माता (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 51.0% वोट पाकर इंदौर-IV सीट जीती और श्रीवल्लभ शर्मा (BJP) को 3,851 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 273 अंजड़ थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 273 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नन्दलाल माता | 29,87251.0% | |
| 2 | श्रीवल्लभ शर्मा | 26,02144.4% | |
| 3 | राजेश शर्मा वाम दल | वाम दल | 9571.6% |
| 4 | मसूद मंसुरी जनता | जनता | 4060.7% |
| 5 | राजकुमार जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.4% |
| 6 | विमलकुमार डागर निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.3% |
| 7 | चंदाबाई मूलचन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.3% |
| 8 | महेशकुमार (चूहाबाबा) निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.2% |
| 9 | प्रह्लाददास नेमा निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.2% |
| 10 | महेशचंद्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.2% |
| 11 | ललित नेमा निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 12 | मेठाराम तोलानी (शिवपुत्र) निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 13 | नाथुलाल लोट निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 14 | मोहन मामा निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 15 | नज़र हुसैन आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
| 16 | रवींद्रसिंह गौड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 320.1% |
| 17 | रमेश फंसे राही ICS | ICS | 290.1% |
| 18 | अजीत कुमार जैन (पटवा) निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
| 19 | ताराचंद गोपीचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर-IV से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 50.0% से घटकर 47.6% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।