सक्तीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
पुष्पेन्द्र बहादुर सिंह (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 50.2% वोट पाकर सक्ती सीट जीती और धीरेन्द्र कुमार राठौर (INC) को 6,061 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 123 सिहावा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 123 सिवनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पुष्पेन्द्र बहादुर सिंह | 28,98050.2% | |
| 2 | धीरेन्द्र कुमार राठौर | 22,91939.7% | |
| 3 | श्याम लाल बारेठ | 2,9525.1% | |
| 4 | ईश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 6481.1% |
| 5 | जीवन | 4740.8% | |
| 6 | रामशरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4600.8% |
| 7 | राम रतन निर्दलीय | निर्दलीय | 3730.7% |
| 8 | फिरत राम बारेठ निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.6% |
| 9 | बाबू राम राणा निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.4% |
| 10 | संतराम रामायणी निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.3% |
| 11 | माखन निर्दलीय | निर्दलीय | 940.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सक्ती से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 51.3% से बढ़कर 52.9% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।