भिण्डविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
राकेश सिंह (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 26.2% वोट पाकर भिण्ड सीट जीती और रामलखन सिंह (JD) को 1,140 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 12 रौन थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 12 मेहगांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
भिण्ड का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,140 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राकेश सिंह | 20,45726.2% | |
| 2 | रामलखन सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 19,31724.7% |
| 3 | अनार सिंह यादव | 13,20216.9% | |
| 4 | नरेन्द्र सिंह कुशवाह | 12,47316.0% | |
| 5 | अरुण जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1484.0% |
| 6 | काजी इरफान नबी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7673.5% |
| 7 | गोपाल मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4433.1% |
| 8 | देवेन्द्र सिंह चौहान IPF | IPF | 7240.9% |
| 9 | महेश निर्दलीय | निर्दलीय | 7040.9% |
| 10 | बृजभूषण निगम निर्दलीय | निर्दलीय | 4790.6% |
| 11 | जगन्नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4380.6% |
| 12 | जीवन कुमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.5% |
| 13 | शिवभान सिंह राठौर निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.3% |
| 14 | राम सिंह छोटे भैया निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.3% |
| 15 | धर्म सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.2% |
| 16 | राजीव आनन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.2% |
| 17 | पोथीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 18 | परमाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 19 | वीरेन्द्र कुमार शिवहरे निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 20 | राम शरण निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 21 | राम नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 22 | सोनेराम निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 23 | हीरामन निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 24 | श्रीकृष्ण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 25 | कस्तूरी देवी BRP | BRP | 390.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भिण्ड से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.9% से घटकर 26.2% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 44.3% से बढ़कर 45.1% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।