सीहोरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मदन लाल त्यागी (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 44.8% वोट पाकर सीहोर सीट जीती और रमेश सक्सेना (निर्दलीय) को 7,745 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 237 खिलचीपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 237 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मदन लाल त्यागी | 26,92544.8% | |
| 2 | रमेश सक्सेना निर्दलीय | निर्दलीय | 19,18031.9% |
| 3 | रुक्मणी रोहिल्ला | 12,17220.2% | |
| 4 | नन्द लाल | 9031.5% | |
| 5 | जगदीश सिंह राठौर निर्दलीय | निर्दलीय | 3610.6% |
| 6 | एम. सैयद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.3% |
| 7 | लताफत अली खान ICS(SCS) | ICS(SCS) | 1960.3% |
| 8 | राम किशन गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.2% |
| 9 | दुर्गेश परिहार निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, एक निर्दलीय और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सीहोर से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 63.0% से घटकर 57.5% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।