सीहोरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
रमेश सक्सेना (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 50.9% वोट पाकर सीहोर सीट जीती और मदन लाल त्यागी (BJP) को 13,356 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 237 खिलचीपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 237 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रमेश सक्सेना 17.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश सक्सेना निर्दलीय | निर्दलीय | 39,18250.9% |
| 2 | मदन लाल त्यागी | 25,82633.6% | |
| 3 | शंकर लाल साबू | 10,08313.1% | |
| 4 | विमल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7320.9% |
| 5 | सेवा यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.6% |
| 6 | सकुन बाई | 4150.5% | |
| 7 | अजीज खान | 3000.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, BJP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सीहोर से कौन जीता, 1977–1998
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 57.5% से बढ़कर 67.9% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।