रायपुर टाउनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
बृजमोहन अग्रवाल (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर रायपुर टाउन सीट जीती और स्वरूप चन्द जैन (INC) को 2,628 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 126 भानुप्रतापपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 126 परासिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बृजमोहन अग्रवाल 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बृजमोहन अग्रवाल | 30,94244.6% | |
| 2 | स्वरूप चन्द जैन | 28,31440.8% | |
| 3 | मौलाना बशीरुल केदारी | 3,0344.4% | |
| 4 | बालूभाई पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7242.5% |
| 5 | विजय कुमरा पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6622.4% |
| 6 | कासिमा खान निर्दलीय | निर्दलीय | 8431.2% |
| 7 | आशुतोष दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 6420.9% |
| 8 | सुरेश यदु निर्दलीय | निर्दलीय | 5580.8% |
| 9 | पोखिराज सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.4% |
| 10 | नन्दलाल मतलानी निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.3% |
| 11 | योगेन्द्र शंकर शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.2% |
| 12 | अजय जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.2% |
| 13 | सुधा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.2% |
| 14 | नवरतन गोलछा उर्फ़ जेट्टा निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.2% |
| 15 | विनोद निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.2% |
| 16 | तुमारसिंग पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 17 | मोहम्मद रफ़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 18 | सुजन सिंह | 560.1% | |
| 19 | चन्द्रशेखर लल्लो तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 20 | ओम प्रकाश मोयर निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 21 | शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 22 | सपन कुमार गूह निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
| 23 | सोमाजी भाऊ बावनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 410.1% |
| 24 | मो. समुसुद्दीन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 370.1% |
| 25 | गुलाब चन्द देसानी निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 26 | राधेश्याम पुत्र गुलराज निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 27 | सलीम निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रायपुर टाउन से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 44.7% से बढ़कर 50.5% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।