रायपुर टाउनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
बृजमोहन अग्रवाल (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 56.4% वोट पाकर रायपुर टाउन सीट जीती और पारस चोपड़ा (INC) को 13,218 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 126 भानुप्रतापपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 126 परासिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बृजमोहन अग्रवाल NDA | NDA | 51,46956.4% |
| 2 | पारस चोपड़ा | 38,25141.9% | |
| 3 | सुन्दर लाल शर्मा | 5320.6% | |
| 4 | शोभा यादव | 3730.4% | |
| 5 | कौशल तिवारी CSP | CSP | 2320.3% |
| 6 | पप्पू फरिस्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 7 | मनोहर पंजवानी ABHM | ABHM | 1090.1% |
| 8 | काज़ी हबीबुर्रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 9 | अबुल फरहा इराकी उर्फ़ मनोज इराकी निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 10 | सागर जयसिंघानी निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रायपुर टाउन से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.8% से बढ़कर 56.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 61.0% से घटकर 55.7% रह गया।