इंदौर-Iविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
ललित जैन (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 50.2% वोट पाकर इंदौर-I सीट जीती और सत्यनारायण सत्तन (BJP) को 4,128 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 270 धूलकोट थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 270 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ललित जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 36,56850.2% |
| 2 | सत्यनारायण सत्तन | 32,44044.5% | |
| 3 | के. आर. यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1631.6% |
| 4 | नारायण भारतीय वाम दल | वाम दल | 5830.8% |
| 5 | मोईनुद्दीन राजवी निर्दलीय | निर्दलीय | 4780.7% |
| 6 | जसराज निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.4% |
| 7 | भारत भूषण | 2510.3% | |
| 8 | हाजी मोहम्मद रफीक हाजी नजीर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.2% |
| 9 | रामा प्रसाद पूरन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.2% |
| 10 | कैलाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.2% |
| 11 | प्रहलाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 12 | सईद खान मख़फ़्री निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 13 | अजीत कुमार जैन पटावा निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 14 | गिराज कल्याणदास बाहेती निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 15 | रमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 16 | अब्दुल शब्बीर निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 17 | पंडित जगदेव झा निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 18 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 350.1% |
| 19 | नासिर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 20 | राजू निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर-I से कौन जीता, 1977–1998
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 47.3% से घटकर 45.9% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।