इंदौर-Iविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
लालचंद मुरलीधर मित्तल (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 53.1% वोट पाकर इंदौर-I सीट जीती और ललित जैन (INC) को 8,360 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 270 धूलकोट थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 270 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लालचंद मुरलीधर मित्तल | 50,57653.1% | |
| 2 | ललित जैन | 42,21644.3% | |
| 3 | चौधरी निवारनाथ जनता दल | जनता दल | 2750.3% |
| 4 | भारत भूषण | 2580.3% | |
| 5 | नरेन्द्र अलीजा निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.2% |
| 6 | अजीत कुमार जैन (पटवा) निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.2% |
| 7 | राजेश यादव | 2050.2% | |
| 8 | ओम गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
| 9 | भेरूलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.2% |
| 10 | लालचंद हस्तीमल निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.2% |
| 11 | सुरेश हेरोडे RPI(D) | RPI(D) | 1350.1% |
| 12 | राजीव के. पाल समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1160.1% |
| 13 | विजय ऊटवाल | 1130.1% | |
| 14 | मोहनलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 15 | मोतीलाल जोशित (पालीवाल) निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 16 | चंदू जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 17 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 18 | बंशीलाल प्रजापति निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 19 | गौरी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
| 20 | जगदीश सिंह ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
| 21 | उमाशकर नानेरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर-I से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 45.9% से बढ़कर 56.0% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।