चंद्रपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
दुष्यन्त कुमार सिंह जूदेव (बाला साहब) (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 47.8% वोट पाकर चंद्रपुर सीट जीती और भवानी लाल वर्मा (INC) को 10,129 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 125 कुरुद थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 125 छिन्दवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दुष्यन्त कुमार सिंह जूदेव (बाला साहब) 16.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दुष्यन्त कुमार सिंह जूदेव (बाला साहब) | 29,02947.8% | |
| 2 | भवानी लाल वर्मा | 18,90031.1% | |
| 3 | मारकण्डे मैत्री निर्दलीय | निर्दलीय | 5,5259.1% |
| 4 | श्याम लाल | 3,8436.3% | |
| 5 | चीनी लाल | 1,7332.9% | |
| 6 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6061.0% |
| 7 | दुर्गा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4320.7% |
| 8 | दरसराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3850.6% |
| 9 | गोपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.3% |
| 10 | दुष्यन्त कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चंद्रपुर से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 54.6% से बढ़कर 61.8% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।