परसवाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
उमा शंकर मुंजारे (KSM) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 30.1% वोट पाकर परसवाड़ा सीट जीती और टीकाराम सौलखे उर्फ़ (टिकू पटेल) (INC) को 7,366 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 184 बण्डा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 184 इंदौर-V है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उमा शंकर मुंजारे KSM | KSM | 18,83330.1% |
| 2 | टीकाराम सौलखे उर्फ़ (टिकू पटेल) | 11,46718.4% | |
| 3 | पुरनकुमार आडवाणी | 9,99916.0% | |
| 4 | जयपाल सिंह उइके निर्दलीय | निर्दलीय | 8,97814.4% |
| 5 | सत्यदेव तांभरे निर्दलीय | निर्दलीय | 6,92911.1% |
| 6 | किशोर चौधरी | 1,7742.8% | |
| 7 | योगेश कुमार चंद्रबेल | 7691.2% | |
| 8 | केशव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7411.2% |
| 9 | पृथ्वीराज भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 6301.0% |
| 10 | कामता प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5810.9% |
| 11 | शरद जैन JNP(JP) | JNP(JP) | 3390.5% |
| 12 | अरुण कुमार बावनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3330.5% |
| 13 | पुष्पलता लिल्हारे निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.4% |
| 14 | रघुवीर रामायत निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.4% |
| 15 | राजेन्द्र उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.3% |
| 16 | अनंत लाल हनवते निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.3% |
| 17 | सदाशिव पराते निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
परसवाड़ा से कौन जीता, 1977–1998
KSM ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह KSM की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 53.1% से बढ़कर 55.8% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी KSM ने यह सीट अपने पास रखी।