परसवाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
कंकर मुंजारे (KSM) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 34.1% वोट पाकर परसवाड़ा सीट जीती और पूरन कुमार आडवाणी (BJP) को 4,539 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 184 बण्डा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 184 इंदौर-V है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कंकर मुंजारे KSM | KSM | 25,10034.1% |
| 2 | पूरन कुमार आडवाणी | 20,56128.0% | |
| 3 | मुन्नीलाल पटेल | 19,04025.9% | |
| 4 | होलसिंह उकेल | 4,2545.8% | |
| 5 | महिपाल लिल्हारे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9002.6% |
| 6 | सूरज ब्रमी जनता दल | जनता दल | 8501.2% |
| 7 | शिखरचंद जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 6450.9% |
| 8 | गोपाल प्रसाद कावरे निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.6% |
| 9 | भगवान दास साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 4160.6% |
| 10 | महतेर भलवाई | 1920.3% | |
| 11 | लोधी सुमेरसिंह ठाकरदे निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
परसवाड़ा से कौन जीता, 1977–1998
KSM ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.1% से बढ़कर 34.1% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 55.8% से बढ़कर 62.0% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट JP ने जीती।