इंदौर-Vविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
महेन्द्र होर्डिया (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 53.5% वोट पाकर इंदौर-V सीट जीती और शोभा ओझा (INC) को 22,998 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 184 परसवाड़ा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 184 कसरावद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र होर्डिया NDA | NDA | 1,13,09953.5% |
| 2 | शोभा ओझा | 90,10142.6% | |
| 3 | अनीता शाह | 1,8990.9% | |
| 4 | सिकन्दर पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7100.8% |
| 5 | मदनलाल मंडलोई काका निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1750.6% |
| 6 | कल्पना सरकार NDA | NDA | 1,0950.5% |
| 7 | रामाधार श्रीवास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0320.5% |
| 8 | शंकर बरोदिया | 5730.3% | |
| 9 | घनश्याम चन्देल निर्दलीय | निर्दलीय | 3100.1% |
| 10 | अनिल झालानी निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।