उमरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
वीरेन्द्र कुमार चन्देल (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 38.4% वोट पाकर उमरिया सीट जीती और रणविजय प्रताप सिंह (INC) को 7,914 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 80 बगीचा थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 80 सिंगरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — वीरेन्द्र कुमार चन्देल 15.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वीरेन्द्र कुमार चन्देल राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 19,20138.4% |
| 2 | रणविजय प्रताप सिंह | 11,28722.6% | |
| 3 | बलवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,57519.2% |
| 4 | नरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2724.5% |
| 5 | देवेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 9161.8% |
| 6 | परसनर्ह वाम दल | वाम दल | 9061.8% |
| 7 | राममिलन | 8881.8% | |
| 8 | पुरुषोत्तम LKD(B) | LKD(B) | 8041.6% |
| 9 | सोमचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 7931.6% |
| 10 | पीयूष निर्दलीय | निर्दलीय | 7661.5% |
| 11 | राम गोपाल रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 5731.1% |
| 12 | एस.पी. कुर्रे | 5341.1% | |
| 13 | राम गोपाल जगन्नाथ | 4811.0% | |
| 14 | राजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.6% |
| 15 | राकेश प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.5% |
| 16 | केशव निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.5% |
| 17 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उमरिया से कौन जीता, 1977–2003
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 41.5% से बढ़कर 43.0% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977नृपेंद्र सिंह (JNP), जीत का अंतर 31.2%
- 1980शांति शर्मा (INC(I)), जीत का अंतर 6.1%
- 1985रणविजय प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 53.4%
- 1990वीरेन्द्र कुमार चन्देल (JD), जीत का अंतर 15.8%
- 1993अजय सिंह (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 1998नरेन्द्र प्रताप सिंह मुन्नू (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 2003ज्ञान सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.7%