उमरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
रणविजय प्रताप सिंह (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 65.6% वोट पाकर उमरिया सीट जीती और दीवान सिंह (BJP) को 20,264 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 80 बगीचा थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 80 सिंगरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रणविजय प्रताप सिंह 53.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रणविजय प्रताप सिंह | 24,90065.6% | |
| 2 | दीवान सिंह | 4,63612.2% | |
| 3 | वीरेन्द्र कुमार जनता | जनता | 4,21711.1% |
| 4 | प्रेम चन्द्र जायसवाल Lok Dal | Lok Dal | 1,8534.9% |
| 5 | नरेन्द्र नारायण दीक्षित वाम दल | वाम दल | 1,5574.1% |
| 6 | ताराचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 5461.4% |
| 7 | सीताराम निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उमरिया से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 38.6% से बढ़कर 41.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1977नृपेंद्र सिंह (JNP), जीत का अंतर 31.2%
- 1980शांति शर्मा (INC(I)), जीत का अंतर 6.1%
- 1985रणविजय प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 53.4%
- 1990वीरेन्द्र कुमार चन्देल (JD), जीत का अंतर 15.8%
- 1993अजय सिंह (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 1998नरेन्द्र प्रताप सिंह मुन्नू (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 2003ज्ञान सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.7%