पाटनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
कैलाश चन्द्र शर्मा (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 30.9% वोट पाकर पाटन सीट जीती और केजूराम वर्मा (निर्दलीय) को 2,991 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 164 घुघरी थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 164 राजगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। कैलाश चन्द्र शर्मा 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कैलाश चन्द्र शर्मा | 23,31930.9% | |
| 2 | केजूराम वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 20,32827.0% |
| 3 | अनंत राम वर्मा | 18,80124.9% | |
| 4 | राजूलाल श्रेष्ठ वाम दल | वाम दल | 4,3385.8% |
| 5 | बंशी लाल ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5842.1% |
| 6 | रामजी लाल शिवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1371.5% |
| 7 | भारत सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 1,0931.4% |
| 8 | नन्द कुमार बहेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0121.3% |
| 9 | विकास चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 8241.1% |
| 10 | नाथूराम देवांगन निर्दलीय | निर्दलीय | 6020.8% |
| 11 | रामतन झरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 5350.7% |
| 12 | कलूटे निर्दलीय | निर्दलीय | 4290.6% |
| 13 | बी.बी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3330.4% |
| 14 | पी. लक्ष्मी निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.4% |
| 15 | विनायक | 2370.3% | |
| 16 | घनश्याम सिंह वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.3% |
| 17 | संतोष कुमार LKD(B) | LKD(B) | 1550.2% |
| 18 | निर्मल चन्द जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 19 | सुरेन्द्र दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 20 | जेठ मल निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाटन से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 60.8%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।