नई पार्टी ने कमान संभाली
क्या हुआ
राज्य में इंडियन नेशनल कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई; उसे एक बिल्कुल नई विपक्षी ताक़त ने हराया।
जनता पार्टी ने राज्य विधान सभा की कमान संभाली।
उसने विधान सभा की 320 सीटों में से 230 सीटें जीतीं, यह एकतरफ़ा जीत थी।
इसकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस घटकर सिर्फ़ 84 सीटों पर आ गई, जो सरकार की अगुवाई करने वाली पार्टी के लिए भारी गिरावट थी।
क्या बदला
यह पूरी तरह नई सीमाओं वाले निर्वाचन क्षेत्रों पर हुआ पहला चुनाव भी था।
कुछ ही समय पहले (सीटों की सीमाओं को सरकारी तौर पर नए सिरे से खींचना, जो भारत की जनसंख्या में बदलाव के साथ समय-समय पर होता है) के ज़रिए सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गई थीं।
विधान सभा की सीटें 296 से बढ़कर 320 हो गईं।
जीतने वाली पार्टी पिछले चुनाव के समय थी ही नहीं; यह 0 सीटों से 230 सीटों पर पहुँची।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला जबलपुर कैंट, मध्य प्रदेश में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 13 रहा।
दूसरी ओर, केशलूर, मध्य प्रदेश में विजेता का जीत का अंतर 62.9% वोट रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) बुरहानपुर, मध्य प्रदेश में रहा, 71.5%।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव जीतने वाली पार्टी राज्य में पहले कभी सत्ता में नहीं रही थी।