मलहराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
जंग बहादुर सिंह (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 45.6% वोट पाकर मलहरा सीट जीती और कपूर चन्द्र (CPI) को 9,893 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 47 चित्रकूट थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 47 खरगापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जंग बहादुर सिंह 23.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जंग बहादुर सिंह जनता | जनता | 19,30745.6% |
| 2 | कपूर चन्द्र वाम दल | वाम दल | 9,41422.2% |
| 3 | केदारनाथ | 7,63718.0% | |
| 4 | गुलाब चन्द आदित्य निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8136.6% |
| 5 | शिव चरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3045.4% |
| 6 | किशोरीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5171.2% |
| 7 | शिव प्रसाद छोटेलाल पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मलहरा से कौन जीता, 1977–2003
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।