मलहराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
स्वामी प्रसाद (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 36.4% वोट पाकर मलहरा सीट जीती और कपूर चन्द घुवारा (CPI) को 4,383 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 47 चित्रकूट थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 47 खरगापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। स्वामी प्रसाद 4.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | स्वामी प्रसाद NDA | NDA | 35,25136.4% |
| 2 | कपूर चन्द घुवारा | 30,86831.9% | |
| 3 | राज बहादुर सिंह | 24,40925.2% | |
| 4 | कालका | 2,1212.2% | |
| 5 | बीरेन्द्र सिंह | 1,8691.9% | |
| 6 | श्रवण गौरव निर्दलीय | निर्दलीय | 5630.6% |
| 7 | गणेश निर्दलीय | निर्दलीय | 5070.5% |
| 8 | गणपत अहिरवार AD | AD | 4730.5% |
| 9 | प्यारेलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.4% |
| 10 | अहिरवार सीताराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.3% |
| 11 | पन्ना लाल | 940.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मलहरा से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 60.8% से बढ़कर 63.8% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।