नरसिंहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
सुरेन्द्र कुमार धोरेलिया उर्फ मुन्ना भैया (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 46.8% वोट पाकर नरसिंहपुर सीट जीती और विनयशंकर शंकरलाल (INC) को 3,534 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 207 मुलताई थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 207 बड़वानी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र कुमार धोरेलिया उर्फ मुन्ना भैया जनता | जनता | 21,03646.8% |
| 2 | विनयशंकर शंकरलाल | 17,50238.9% | |
| 3 | राव नेतराजसिंह राव सरदारसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0556.8% |
| 4 | शुभकरण लुनावत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8534.1% |
| 5 | जमनाप्रसाद उर्फ़ जम्मन सेठ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0962.4% |
| 6 | ओमप्रकाश बाबूलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4070.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नरसिंहपुर से कौन जीता, 1977–1998
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(I) ने जीती।