भोपाल दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
बाबूलाल गौर (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 61.6% वोट पाकर भोपाल दक्षिण सीट जीती और लाडली शरण सिन्हा (INC) को 18,946 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 239 गुलाना थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 239 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बाबूलाल गौर 45.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबूलाल गौर जनता | जनता | 25,61061.6% |
| 2 | लाडली शरण सिन्हा | 6,66416.0% | |
| 3 | के. एन. प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 4,15510.0% |
| 4 | अजीज कुरैशी वाम दल | वाम दल | 3,2217.8% |
| 5 | के. एन. पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 9372.3% |
| 6 | बाबूलाल संगोडे निर्दलीय | निर्दलीय | 6951.7% |
| 7 | सुभाष चन्द बड़कुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.3% |
| 8 | खली उल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 820.2% |
| 9 | अग्नि शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 740.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भोपाल दक्षिण से कौन जीता, 1977–1998
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(I) ने जीती।