भोपाल दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
हसनात सिद्दीकी (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 43.1% वोट पाकर भोपाल दक्षिण सीट जीती और सत्य नारायण अग्रवाल (INC) को 2,703 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 239 गुलाना थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 239 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हसनात सिद्दीकी 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हसनात सिद्दीकी | 29,54543.1% | |
| 2 | सत्य नारायण अग्रवाल | 26,84239.2% | |
| 3 | एल. एस. हरदेनिया निर्दलीय | निर्दलीय | 9,45413.8% |
| 4 | एस. के. गंगावणे निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.6% |
| 5 | गोपाल मुदल्यार निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.4% |
| 6 | गुलखान आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.4% |
| 7 | दिलीप पांडुरंग निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.3% |
| 8 | के. सी. गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.3% |
| 9 | राम कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.3% |
| 10 | चन्द्रभान निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.2% |
| 11 | रामजीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.2% |
| 12 | शेख सनाउल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 13 | गुुरूप्रसाद सक्सेना निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 14 | एम. एन. बेग निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 15 | एम. एस. नवानी निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 16 | अशोक सिंह परिहार निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 17 | जयराम परसराम निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 18 | चरणलाल साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 19 | मोहम्मद शब्बीर निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 20 | सखावत खान निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 21 | खुर्शीद अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 22 | महिपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 380.1% |
| 23 | नरेन्द्र तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 24 | फ़ीरोज़ा बेगुम निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भोपाल दक्षिण से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 34.3% से बढ़कर 45.9% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।