मध्य प्रदेश 2018 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 114 सीटें (49.6%)BJP: 109 सीटें (47.4%)IND: 4 सीटें (1.7%)BSP: 2 सीटें (0.9%)SP: 1 सीट (0.4%)बहुमत के लिए 116230सरकार बनाने के लिए 116
  • INC11449.6%
  • BJP10947.4%
  • निर्दलीय41.7%
  • BSP20.9%
  • SP10.4%
चुनाव की कहानी

बरसों का सबसे कड़ा मुक़ाबला

क्या हुआ

इस चुनाव से विधान सभा बनी।

इंडियन नेशनल कांग्रेस 114 सीटों के साथ पहले स्थान पर रही, बहुमत से बस थोड़ा पीछे; भारतीय जनता पार्टी को 109 सीटें मिलीं।

भाजपा के तो विजेता से भी ज़्यादा था: 40.9% के मुक़ाबले 41.0%।

क्या बदला

कुल परिणाम भले क़रीबी रहा, पर उसके पीछे बहुत-सी सीटें एक पार्टी से दूसरी पार्टी के पास गईं।

राज्य की 230 सीटों में से 120 सीटें पहले से अलग पार्टी के पास चली गईं।

सबसे बड़ा बदलाव भाजपा से कांग्रेस की ओर रहा: 80 सीटें इस तरह गईं।

भाजपा का सत्ता में दौर यहीं ख़त्म हुआ, हालाँकि नई विजेता पार्टी बहुमत से थोड़ा पीछे रह गई।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला ग्वालियर दक्षिण, मध्य प्रदेश में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 121 वोट रहा।

मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर डबरा, मध्य प्रदेश में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 38.4% वोट आगे रहा।

सबसे ज़्यादा सैलाना, मध्य प्रदेश में रहा, 89.0%।

सबसे कम मतदान प्रतिशत जोबट, मध्य प्रदेश में रहा, 52.7%।

पृष्ठभूमि

इस चुनाव के बाद बनी सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी।

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RBI 2024-25

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