मध्य प्रदेश 1972 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 220 सीटें (74.3%)BJS: 48 सीटें (16.2%)IND: 18 सीटें (6.1%)SOP: 7 सीटें (2.4%)CPI: 3 सीटें (1.0%)बहुमत के लिए 149296सरकार बनाने के लिए 149
  • INC22074.3%
  • BJS4816.2%
  • निर्दलीय186.1%
  • SOP72.4%
  • CPI31.0%
चुनाव की कहानी

कांग्रेस का सिलसिला जारी

क्या हुआ

राज्य में इंडियन नेशनल कांग्रेस एक और कार्यकाल के लिए सत्ता में बनी रही, और बरसों से चला आ रहा जीत का सिलसिला आगे बढ़ा।

कांग्रेस ने राज्य विधान सभा पर अपनी पकड़ बनाए रखी।

इसने विधान सभा की 296 में से 220 सीटें जीतीं, यानी सदन में भारी बहुमत।

इसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनसंघ सिर्फ़ 48 सीटें जीत सकी।

क्या बदला

यह नया जनादेश कम, और राज्य विधान सभा पर सत्ताधारी पार्टी की पकड़ का जारी रहना ज़्यादा था।

इससे राज्य में पार्टी की चुनावी जीतों का सिलसिला लगातार 5 तक पहुँच गया।

इसके नीचे, झुकाव के आँकड़े दिखाते हैं कि 50 सीटें भारतीय जनसंघ के हाथ से निकलीं।

इनमें से ज़्यादातर सीटें ख़ुद कांग्रेस को मिलीं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला डबरा, मध्य प्रदेश में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 122 रहा।

दूसरी ओर, सीधी, मध्य प्रदेश में विजेता का जीत का अंतर 75.0% वोट रहा।

सबसे ज़्यादा धमतरी, मध्य प्रदेश में रहा, 73.2%।

किसी भी एक सीट पर सबसे ज़्यादा मतदाता गोविंदपुरा, मध्य प्रदेश में थे, 1,01,016 पंजीकृत मतदाता।

पृष्ठभूमि

इस जीत से राज्य विधान सभा मज़बूती से एक ही पार्टी के हाथ में रही।

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RBI 2024-25

सभी 296 सीटें