इंदौर IIIविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
चन्द्र प्रभाष शेखर (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 47.6% वोट पाकर इंदौर III सीट जीती और कल्याण जैन (SOP) को 9,373 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 253 कन्नौद थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 253 सारंगपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चन्द्र प्रभाष शेखर 21.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्र प्रभाष शेखर कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 20,56147.6% |
| 2 | कल्याण जैन | 11,18825.9% | |
| 3 | श्रीवल्लभ शर्मा महागठबंधन | महागठबंधन | 9,98123.1% |
| 4 | मोहम्मद इस्माईल खान निर्दलीय | निर्दलीय | 5251.2% |
| 5 | संतोष तुकाराम गावडे निर्दलीय | निर्दलीय | 3530.8% |
| 6 | हाकिम मंसुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.7% |
| 7 | रामप्रसाद चौहान | 2580.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SOP और BJS को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर III से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 63.2%।
- 1967के. जैन (SSP), जीत का अंतर 13.4%
- 1972चन्द्र प्रभाष शेखर (INC), जीत का अंतर 21.7%