दतियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
गुलाब चन्द कन्नूलाल (BJS) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर दतिया सीट जीती और श्याम सुन्दर (INC) को 3,800 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 21 का नाम दतिया था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 21 भाण्डेर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुलाब चन्द कन्नूलाल महागठबंधन | महागठबंधन | 18,09945.9% |
| 2 | श्याम सुन्दर कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 14,29936.2% |
| 3 | जे. एस. निर्भय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9287.4% |
| 4 | गोविंददास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8514.7% |
| 5 | नारायण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4831.2% |
| 6 | सूर्यदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 4791.2% |
| 7 | राधाचरण गणेशीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3650.9% |
| 8 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3430.9% |
| 9 | मातादीन बारेलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3190.8% |
| 10 | अवतार सिंह प्रीतम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJS, INC और एक निर्दलीय को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दतिया से कौन जीता, 1967–1972
BJS ने यह सीट JAC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 53.5% से बढ़कर 59.7% हो गया।
- 1967एस.एस. श्याम (JAC), जीत का अंतर 3.1%
- 1972गुलाब चन्द कन्नूलाल (BJS), जीत का अंतर 9.6%