रहलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
गौरीशंकर पाठक (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 43.8% वोट पाकर रहली सीट जीती और नर्मदा प्रसाद तिवारी (BJS) को 3,388 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 189 गोटेगांव थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 189 डिण्डोरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गौरीशंकर पाठक कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 17,22543.8% |
| 2 | नर्मदा प्रसाद तिवारी महागठबंधन | महागठबंधन | 13,83735.2% |
| 3 | नाथू राम पचुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9785.0% |
| 4 | मथरा प्रसाद चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7094.3% |
| 5 | घन श्याम वैद्य निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2803.3% |
| 6 | गोपी कृष्ण मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0732.7% |
| 7 | राम प्रसाद छिंगे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0512.7% |
| 8 | शैच्छरण निर्दलीय | निर्दलीय | 7722.0% |
| 9 | मिट्टू लाल अहिरवार निर्दलीय | निर्दलीय | 3831.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रहली से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 52.6%।
- 1967एन. पी./तिवारी (BJS), जीत का अंतर 18.8%
- 1972गौरीशंकर पाठक (INC), जीत का अंतर 8.6%