परसवाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
तेजलाल टेंभरे (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 42.4% वोट पाकर परसवाड़ा सीट जीती और प्रतापलाल (निर्दलीय) को 1,211 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 161 डिण्डोरी थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 161 धमधा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। तेजलाल टेंभरे 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तेजलाल टेंभरे कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 14,16242.4% |
| 2 | प्रतापलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 12,95138.8% |
| 3 | जितेन्द्रलाल | 3,93511.8% | |
| 4 | गोविन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9893.0% |
| 5 | बालगोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 8582.6% |
| 6 | फूल चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 5001.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और SOP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2003 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2003 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
परसवाड़ा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.5% से बढ़कर 42.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 37.0% से बढ़कर 49.5% हो गया।
- 1967प्रतापलाल (INC), जीत का अंतर 6.6%
- 1972तेजलाल टेंभरे (INC), जीत का अंतर 3.6%