नरसिंहगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
सिद्धुमल दल्लूमल (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 55.2% वोट पाकर नरसिंहगढ़ सीट जीती और मांगीलाल रामनारायण भंडारी (INC) को 11,859 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 252 इंदौर II थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 252 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सिद्धुमल दल्लूमल 27.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सिद्धुमल दल्लूमल जनता | जनता | 23,64855.2% |
| 2 | मांगीलाल रामनारायण भंडारी | 11,78927.5% | |
| 3 | एम.एम. अयूब ए. सलाम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,37810.2% |
| 4 | भगवानदास चंदीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9114.5% |
| 5 | बंशीलाल देसवाली बुधराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1112.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नरसिंहगढ़ से कौन जीता, 1977–1998
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।