नरसिंहगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
धूल सिंह यादव वकील (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 40.0% वोट पाकर नरसिंहगढ़ सीट जीती और लक्ष्मीनारायण पचवार्या जगन्नाथ प्रसाद (BJP) को 6,468 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 252 इंदौर II थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 252 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धूल सिंह यादव वकील | 32,79940.0% | |
| 2 | लक्ष्मीनारायण पचवार्या जगन्नाथ प्रसाद NDA | NDA | 26,33132.1% |
| 3 | मोहन शर्मा | 21,10125.7% | |
| 4 | डॉ. राजेन्द्र सूर्यवंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 7971.0% |
| 5 | मांगीलाल जांगड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.5% |
| 6 | हाफिज मोहम्मद इस्माईल खान मंसूरी LS | LS | 3490.4% |
| 7 | गंगाराम गोपीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नरसिंहगढ़ से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 40.0%। मतदान प्रतिशत लगभग 1993 जितना ही रहा: 61.3%।