रायगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
कृष्ण कुमार (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 43.7% वोट पाकर रायगढ़ सीट जीती और पी.के. तामस्कर (निर्दलीय) को 7,077 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 103 बलौदा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 103 पनागर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण कुमार | 29,86043.7% | |
| 2 | पी.के. तामस्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 22,78333.4% |
| 3 | संतोष राय राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 4,4476.5% |
| 4 | मुमताज भारती वाम दल | वाम दल | 3,7255.5% |
| 5 | शहबाज रिज़वी | 2,2433.3% | |
| 6 | तरुण बेघेल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1433.1% |
| 7 | इंकलाब गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 8421.2% |
| 8 | रविशंकर दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 5790.8% |
| 9 | संतोष | 4420.7% | |
| 10 | घनश्याम नारायण शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.3% |
| 11 | घासीलाल कुर्रे निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.3% |
| 12 | गणेश अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.2% |
| 13 | सुभाष बोस निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.2% |
| 14 | नटवर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 15 | बसंती बाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 16 | सी. जॉन निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 17 | स्वप्नेश्वर मिश्रा गुरूजी निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 18 | अताउल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 19 | प्रफुल्ल कुमार अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 20 | नरेश कुमार लोहारीवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रायगढ़ से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 63.3% से घटकर 43.7% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 47.8% से बढ़कर 61.1% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।