रायगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
कृष्ण कुमार (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 44.5% वोट पाकर रायगढ़ सीट जीती और रोशनलाल (BJP) को 1,884 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 103 बलौदा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 103 पनागर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। कृष्ण कुमार 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण कुमार | 39,14744.5% | |
| 2 | रोशनलाल NDA | NDA | 37,26342.4% |
| 3 | विष्णु सेवक | 3,6284.1% | |
| 4 | खेमराज निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0933.5% |
| 5 | नन्दन गुप्ता LSWP | LSWP | 1,6721.9% |
| 6 | मीर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1271.3% |
| 7 | सनत कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5920.7% |
| 8 | मोहम्मद अख़्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 4790.5% |
| 9 | श्रीमती सावित्री महंत | 3680.4% | |
| 10 | बीरबल गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.3% |
| 11 | भूवनलाल पटेल एडवोकेट CSP | CSP | 2920.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रायगढ़ से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.0% से घटकर 44.5% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1993 जितना ही रहा: 65.5%।