गरोठविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
राधे श्याम मंडलिया (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 51.3% वोट पाकर गरोठ सीट जीती और सुभाष मनकभाई अग्रवाल (INC) को 12,514 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 315 नहीं थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 315 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राधे श्याम मंडलिया 16.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राधे श्याम मंडलिया | 40,09051.3% | |
| 2 | सुभाष मनकभाई अग्रवाल | 27,57635.3% | |
| 3 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,1677.9% |
| 4 | सत्य नारायण पुरोहित निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0431.3% |
| 5 | लक्ष्मण | 9241.2% | |
| 6 | सतीश चन्द्र शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4990.6% |
| 7 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4740.6% |
| 8 | केशरी लाल चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4470.6% |
| 9 | तुलसी राम रावत पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.5% |
| 10 | मिश्री लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3110.4% |
| 11 | घनश्याम व्यास LKD(B) | LKD(B) | 2690.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गरोठ से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 61.9%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।