शाजापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
लक्ष्मी नारायण पटेल (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर शाजापुर सीट जीती और हुकम सिंह करारा (INC) को 4,481 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 258 बागली थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 258 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लक्ष्मी नारायण पटेल | 39,27048.6% | |
| 2 | हुकम सिंह करारा | 34,78943.0% | |
| 3 | प्रेम दास वाम दल | वाम दल | 2,2452.8% |
| 4 | रफ़ीक़ुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3981.7% |
| 5 | भारत कुमार सुलाने | 9671.2% | |
| 6 | अली मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 4810.6% |
| 7 | पर्वत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4310.5% |
| 8 | राजेश कुमार वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.3% |
| 9 | इंदु बेन पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.3% |
| 10 | नरेन्द्र कुमार सुगंधी निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.3% |
| 11 | राम चन्द्र लोधी ICS(SCS) | ICS(SCS) | 2390.3% |
| 12 | विक्रम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 13 | कालू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और CPI को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाजापुर से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.9% से घटकर 48.6% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 61.2% से बढ़कर 62.3% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।