शाजापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
ताराज्योति शर्मा (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर शाजापुर सीट जीती और शशिकांत शेंदुर्णीकर (BJP) को 10,515 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 258 बागली थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 258 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ताराज्योति शर्मा 19.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ताराज्योति शर्मा | 25,95447.9% | |
| 2 | शशिकांत शेंदुर्णीकर | 15,43928.5% | |
| 3 | मांगीलाल सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,20411.4% |
| 4 | भगवान सिंह वकील निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5926.6% |
| 5 | शेख मुनीर JNP(SC) | JNP(SC) | 1,3842.5% |
| 6 | प्रकाश चन्दन शर्मा JNP(JP) | JNP(JP) | 8551.6% |
| 7 | जाफर खान JNP(SR) | JNP(SR) | 5251.0% |
| 8 | हाजी अब्दुल करीम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाजापुर से कौन जीता, 1977–1998
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 67.4% से घटकर 58.4% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।