शाजापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
हुकुमसिंह कराड़ा (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 57.4% वोट पाकर शाजापुर सीट जीती और माधव सिंह बदाल (BJP) को 18,169 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 258 बागली थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 258 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हुकुमसिंह कराड़ा 16.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हुकुमसिंह कराड़ा | 61,59657.4% | |
| 2 | माधव सिंह बदाल NDA | NDA | 43,42740.4% |
| 3 | माधवसिंह बदाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6680.6% |
| 4 | राधारमण मिश्रा AJBP | AJBP | 6480.6% |
| 5 | गयाप्रसाद दुबे SVSP | SVSP | 5490.5% |
| 6 | लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा | 2890.3% | |
| 7 | प्रेमसिंह परिहार निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाजापुर से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.1% से बढ़कर 57.4% हो गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 68.6% से बढ़कर 70.3% हो गया।