पैनगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
दाऊराम (BSP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 33.4% वोट पाकर पैनगढ़ सीट जीती और आनन्द मिश्रा (JD) को 341 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 121 राजिम थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 121 केवलारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पैनगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 341 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दाऊराम | 24,80633.4% | |
| 2 | आनन्द मिश्रा राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 24,46532.9% |
| 3 | शिव प्रसाद शर्मा | 14,71319.8% | |
| 4 | नारायण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4124.6% |
| 5 | नित्यानन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4241.9% |
| 6 | कुबेरदत्त शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1871.6% |
| 7 | उपेन्द्र तिवारी JNP(JP) | JNP(JP) | 8911.2% |
| 8 | मनीषकर गौरहा निर्दलीय | निर्दलीय | 7901.1% |
| 9 | सौखी लाल | 4410.6% | |
| 10 | गंगा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.6% |
| 11 | भारत लाल साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.3% |
| 12 | कमला प्रसाद खुटे निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.3% |
| 13 | विष्णु केशरवानी निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.3% |
| 14 | जनक राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.3% |
| 15 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 16 | केदारनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.2% |
| 17 | भगवती प्रसाद शुकल निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.2% |
| 18 | राधेश्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.2% |
| 19 | सत्यनारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 20 | जे.एस. सहगल निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 21 | राबिया बेगम निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पैनगढ़ से कौन जीता, 1977–1998
BSP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 38.5% से बढ़कर 53.6% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BSP ने यह सीट अपने पास रखी।