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मध्य प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 121

पामगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998

दाऊराम रत्नाकर (BSP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 33.6% वोट पाकर पामगढ़ सीट जीती और शकुन्तला सिंह (BJP) को 86 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 121 राजिम थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 121 केवलारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

दाऊराम रत्नाकर
BSP 33.6%BJP 33.5%7 अन्य 33.0%
मिले वोट
33,683
मतों का 33.6%
जीत का अंतर
86
कुल वोटों का 0.1%
उम्मीदवार
9
मतदान प्रतिशत
67.1%
1,49,638 मतदाताओं में से

पामगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 86 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

9 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
दाऊराम रत्नाकर
33,68333.6%
2
शकुन्तला सिंह
NDA
NDA
33,59733.5%
3
आशा साहू
28,20928.1%
4
धनराज कश्यप
AD
AD
2,2042.2%
5
ए. रशीद (पप्पू)
9601.0%
6
महावीर साहू
निर्दलीय
निर्दलीय
8310.8%
7
देवचरण प्रसाद चौहान
निर्दलीय
निर्दलीय
6280.6%
8
जीवन लाल
निर्दलीय
निर्दलीय
1620.2%
9
ठंडाराम रात्रे
960.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
0.1%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
67%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.29

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
320 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 161

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
33.6%BSP की जीत
BSP 33.6%BJP 33.5%INC 28.1%अन्य 4.9%

यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

पामगढ़ से कौन जीता, 1977–1998

BSP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 32.3% से बढ़कर 33.6% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 73.0% से घटकर 67.1% रह गया।

  1. 1977शिवप्रसाद शर्मा (INC), जीत का अंतर 6.8%
  2. 1980शिव प्रसाद शर्मा (INC(I)), जीत का अंतर 47.4%
  3. 1985शिव प्रसाद शर्मा (INC), जीत का अंतर 29.1%
  4. 1990दाऊराम (BSP), जीत का अंतर 0.5%
  5. 1993दाऊराम (BSP), जीत का अंतर 7.8%
  6. 1998दाऊराम रत्नाकर (BSP), जीत का अंतर 0.1%