विजयराघवगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
लाल राजेन्द्र सिंह बघेल (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 43.6% वोट पाकर विजयराघवगढ़ सीट जीती और सत्येन्द्र पाठक (INC) को 934 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 204 चौरई थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 204 सेंधवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
विजयराघवगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 934 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लाल राजेन्द्र सिंह बघेल | 28,21543.6% | |
| 2 | सत्येन्द्र पाठक | 27,28142.1% | |
| 3 | विपिन बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0873.2% |
| 4 | लक्ष्मी चन्द बझल राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 1,8452.9% |
| 5 | विशम्भर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6182.5% |
| 6 | कृष्ण कान्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0221.6% |
| 7 | शिवनाथ पेंटर | 5710.9% | |
| 8 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5240.8% |
| 9 | भीम बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 5100.8% |
| 10 | जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.5% |
| 11 | अशोक कुमार रामेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2990.5% |
| 12 | शंकर प्रसाद गोयनका निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 13 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.2% |
| 14 | रमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.2% |
| 15 | हरि शंकर उरमलिया निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
विजयराघवगढ़ से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.3% से बढ़कर 43.6% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 49.2% से बढ़कर 57.9% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।