विजयराघवगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
सत्येन्द्र फाटक (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर विजयराघवगढ़ सीट जीती और लाल सत्येन्द्र सिंह बघेल (BJP) को 14,729 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 204 चौरई थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 204 सेंधवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सत्येन्द्र फाटक 20.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्येन्द्र फाटक | 38,33453.2% | |
| 2 | लाल सत्येन्द्र सिंह बघेल | 23,60532.7% | |
| 3 | कुंवर विपिन KMGR | KMGR | 2,9064.0% |
| 4 | राम सकल यादव | 2,7553.8% | |
| 5 | धीरज बर्मन | 2,0402.8% | |
| 6 | मोहम्मद जवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 8141.1% |
| 7 | अशोक वृंदावन निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.6% |
| 8 | हरि प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4320.6% |
| 9 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3790.5% |
| 10 | कृष्ण कान्त शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 2910.4% |
| 11 | ताज मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और KMGR को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
विजयराघवगढ़ से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 57.9% से बढ़कर 61.3% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।