किरनापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
लिखीराम कावरे (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 31.9% वोट पाकर किरनापुर सीट जीती और भुवन लाल पारधी (BJP) को 1,918 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 179 विजयराघवगढ़ थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 179 महू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। लिखीराम कावरे 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लिखीराम कावरे | 21,52431.9% | |
| 2 | भुवन लाल पारधी | 19,60629.0% | |
| 3 | प्रभात जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 9,60714.2% |
| 4 | दिलीप शुक्ला KSM | KSM | 8,27212.2% |
| 5 | सत्यवान तुकाराम | 5,9158.8% | |
| 6 | गिरधारी लाल हीरा लाल खंडेवाल | 7421.1% | |
| 7 | पंचम लाल सोनेकर JNP(JP) | JNP(JP) | 6951.0% |
| 8 | दाणी कुमार श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 4610.7% |
| 9 | टी.सी. बिसेन निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.6% |
| 10 | मोहन लाल सौलाखे BRP | BRP | 3100.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किरनापुर से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 66.5% से बढ़कर 70.9% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।