बिछियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
रूप सिंह (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 36.2% वोट पाकर बिछिया सीट जीती और माणिक लाल (INC) को 2,881 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 187 सागर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 187 सोनकच्छ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रूप सिंह | 13,17136.2% | |
| 2 | माणिक लाल | 10,29028.3% | |
| 3 | विश्वराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,70815.7% |
| 4 | दान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7004.7% |
| 5 | तुलसी राम धुमकेती KSM | KSM | 1,2283.4% |
| 6 | शाहदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1023.0% |
| 7 | लाल सिंह आर्मो वाम दल | वाम दल | 1,0953.0% |
| 8 | छत्रू | 6291.7% | |
| 9 | भड्डू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5001.4% |
| 10 | श्याम लाल धुर्वे निर्दलीय | निर्दलीय | 4701.3% |
| 11 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3781.0% |
| 12 | मोल्हू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिछिया से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 24.5% से बढ़कर 34.5% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।