दुर्गविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मोती लाल वोरा (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 51.9% वोट पाकर दुर्ग सीट जीती और प्रदीप चौबे (JD) को 15,789 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 162 मण्डला थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 162 नरसिंहगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोती लाल वोरा | 59,92451.9% | |
| 2 | प्रदीप चौबे राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 44,13538.2% |
| 3 | बिसे यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6,1365.3% |
| 4 | जेओराखान लाल भांडेकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0230.9% |
| 5 | नरेश वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 5530.5% |
| 6 | राजेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4690.4% |
| 7 | सतीश अकोजवार निर्दलीय | निर्दलीय | 4640.4% |
| 8 | विनोद गोविन्द ICS(SCS) | ICS(SCS) | 3680.3% |
| 9 | महादेव चन्द्र पटनायक निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.3% |
| 10 | जगत कुकरेजा निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.2% |
| 11 | पंच राम सतनामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.2% |
| 12 | प्रभु राम देशलहरे निर्दलीय | निर्दलीय | 2000.2% |
| 13 | रविन्द्र दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.2% |
| 14 | उमा प्रसाद | 1690.1% | |
| 15 | रमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.1% |
| 16 | सागर सिंह मंडावी निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.1% |
| 17 | गंगाधर निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 18 | गिरजानंद चंद्राकर निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 19 | सोमनाथ मिश्रा LKD(B) | LKD(B) | 790.1% |
| 20 | विनोद कुमार गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 21 | भगत राव डोंगरे निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 22 | अनिल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 23 | सुभाष गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 24 | सोमाजी कुंवेर लाल दबोमने निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 25 | जौहल राम साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 500.0% |
| 26 | हाफिज कामालउद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 500.0% |
| 27 | धान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 490.0% |
| 28 | इम्तियाज अली निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
| 29 | कुलदीप सिंह राजपुरोहित निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JD और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दुर्ग से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 72.5% से घटकर 51.9% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 51.2% से बढ़कर 57.7% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।