दुर्गविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
अरुण वोरा (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 49.2% वोट पाकर दुर्ग सीट जीती और हेमचंद यादव (BJP) को 17,120 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 162 मण्डला थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 162 नरसिंहगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
32 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अरुण वोरा | 69,20849.2% | |
| 2 | हेमचंद यादव | 52,08837.0% | |
| 3 | मेघदास वैष्णव CMM | CMM | 5,9504.2% |
| 4 | मोईनुद्दीन बेग | 3,4092.4% | |
| 5 | इज़राएल शाहजादा वाम दल | वाम दल | 1,7791.3% |
| 6 | सुरजीत सलूजा वेलकम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7581.3% |
| 7 | एन.के. राठी जनता दल | जनता दल | 1,0930.8% |
| 8 | प्रमोद परमानंद अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8390.6% |
| 9 | आशा निर्दलीय | निर्दलीय | 6320.5% |
| 10 | नारायण चन्द मजूमदार निर्दलीय | निर्दलीय | 5680.4% |
| 11 | धनसींग राजपूत निर्दलीय | निर्दलीय | 3690.3% |
| 12 | बलदाऊ प्रसाद सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 3150.2% |
| 13 | मुरली मनोहर बाजपेयी निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.2% |
| 14 | भागवत राव डोंगरे निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.2% |
| 15 | मधुकर ठवरे | 2290.2% | |
| 16 | लोकेश कुमार मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
| 17 | भारत चन्द्राकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.1% |
| 18 | दिनेश समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1870.1% |
| 19 | भारत बर्मन | 1810.1% | |
| 20 | रमेश कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.1% |
| 21 | मनोज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 22 | सागर भैया निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 23 | मधुराम साहू | 1110.1% | |
| 24 | संतलाल गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 25 | सरजू प्रसाद शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 26 | गंगाधर मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 27 | विनोद कुमार गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 28 | शम्भू सिंह IPF | IPF | 760.1% |
| 29 | देवनारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
| 30 | गरीब उल्ला खान निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 31 | एम. चंद्रशेखर रेड्डी | 380.0% | |
| 32 | आर.के. तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और CMM को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दुर्ग से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.9% से घटकर 49.2% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 57.7% से बढ़कर 61.1% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।