लश्कर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
रघुनाथ शंकर भाऊ साहिब पोतनीस (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 46.5% वोट पाकर लश्कर पूर्व सीट जीती और आर.के. गोयल (INC) को 3,423 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 16 मुरार थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 16 ग्वालियर पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रघुनाथ शंकर भाऊ साहिब पोतनीस | 21,52146.5% | |
| 2 | आर.के. गोयल | 18,09839.1% | |
| 3 | के.एल. यादव | 2,3325.0% | |
| 4 | रवि कान्त अष्ठाना राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 1,7573.8% |
| 5 | प्रभात राय सारस्वत (पम्मी) निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1412.5% |
| 6 | पंडित मांगी लाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3890.8% |
| 7 | राम किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.4% |
| 8 | अयूब खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.3% |
| 9 | नारायण शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.3% |
| 10 | राम लाल | 980.2% | |
| 11 | मंजू बाथम निर्दलीय | निर्दलीय | 910.2% |
| 12 | किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 13 | सुरेन्द्र सिंह हांडा उर्फ़ मुन्ना हांडा निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 14 | हनीफ खान निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 15 | महेश कुमार LKD(B) | LKD(B) | 460.1% |
| 16 | केदार नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 410.1% |
| 17 | नाथू लाल चौरसिया (काका जी) निर्दलीय | निर्दलीय | 370.1% |
| 18 | धरती पकड़ मदन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 19 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 290.1% |
| 20 | रेजेश कुमार बाजपेयी निर्दलीय | निर्दलीय | 280.1% |
| 21 | होरी लाल सोनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 22 | मोल चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 120.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लश्कर पूर्व से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1980 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.2% से घटकर 46.5% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 42.9% से घटकर 40.2% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।